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RTE के तहत अप्वाइंट किए गए 11 लाख टीचर्स 2019 तक कर लें B.Ed: सरकार

Aug. 2, 2017, 6:24 p.m.
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नई दिल्ली.केंद्र सरकार ने कहा है कि राइट टू एजुकेशन कानून के तहत अप्वाइंट किए गए 11 लाख टीचर्स 2019 तक बीएड (Bachelor of Education) कर लें। राज्यसभा में मंगलवार को राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कम्पलसरी एजुकेशन (संशोधन) कानून 2017 पर बहस हुई। बाद में सदन ने इसे पास कर दिया। लोकसभा इसे 22 जुलाई को पास कर चुकी है। क्या है मामला... - राइट टू एजुकेशन कानून 2010 में लाया गया था। तब क्वॉलिफाइड टीचर्स की कमी थी। लिहाजा, सरकार ने बिना बीएड किए टीचर्स को भी अप्वाइंट कर लिया था। इनसे कहा गया था कि वो किसी भी हाल में पांच साल के भीतर (2015 तक) मिनिमम क्वॉलिफिकेशन यानी बीएड कर लें। - अब सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में अब भी करीब 11 लाख टीचर्स ऐसे हैं, जिन्होंने बीएड नहीं किया है। नए कानून के मुताबिक, इन टीचर्स को 2019 तक यानी दो साल के अंदर बीएड करना होगा। हालांकि, सरकार ने कहा है कि टीचर्स को इसमें मदद भी की जाएगी। इससे टीचर्स की जाॅब भी बच जाएगी। - एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में इस बिल पर विस्तार से जानकारी दी। चौंकाने वाले आंकड़े - जावड़ेकर के मुताबिक, प्राइवेट स्कूलों में 7 लाख टीचर्स ऐसे हैं, जिनके पास बेसिक क्वॉलिफिकेशन नहीं है। 1.5 लाख टीचर्स ऐसे हैं जिन्होंने सिर्फ एक साल की ट्रेनिंग की है। ऐसे ही 2.5 लाख टीचर्स सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। - मिनिस्टर ने कहा- कुल मिलाकर 11 लाख टीचर्स ऐसे हैं, जिनके पास प्रॉपर क्वॉलिफिकेशन ही नहीं है। सरकार का मकसद इन टीचर्स को बीएड और दूसरे प्रोफेशनल कोर्स कराना है, ताकि एजुकेशन स्टैंडर्ड को सुधारा जा सके। टीचर्स के लिए स्कीम - सरकार ‘स्वयं प्लैटफॉर्म’ और ‘स्वयं प्रभा’ स्कीम ला रही है। ये दो अक्टूबर से शुरू होंगी। रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच कराए जा सकते हैं। - जावड़ेकर ने कहा- सबकी मदद से हम 11 लाख टीचर्स को 2 साल में ट्रेंड करेंगे। इसके लिए फूलप्रूफ सिस्टम बनाया गया है। - स्वयं प्रभा स्कीम में टीचर्स को आॅन और ऑफ लाइन दोनों तरह से ट्रेनिंग दी जाएगी। ये डायरेक्ट टू होम यानी डीटीएच की जरिए भी हासिल कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन फीस काफी कम रखी जाएगी। सिलेबस सीडी के जरिए दिया जाएगा। 12 दिन का फेस टू फेस प्रोग्राम भी इसका हिस्सा होगा। - इसके अलावा चार चाल के इंटिग्रेटेड टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स पर भी सरकार विचार कर रही है। इसे जल्द लॉन्च किया जाएगा। टीचिंग के अलावा सिर्फ दो काम - जावड़ेकर ने कहा कि सांसदों को अपने क्षेत्रों के स्कूलों में इन्सपेक्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा- जनगणना और इलेक्शन ड्यूटी के अलावा टीचर्स से और कोई काम नहीं कराया जाएगा। फाइव डे वीक का फैसला राज्य सरकारें ले सकती हैं, केंद्र नहीं। सांसदों ने क्या कहा? - कांग्रेस के शमशेर सिंह ढिल्लो ने कहा- प्राइवेट और सरकारी स्कूलों का फर्क हर दिन बढ़ रहा है। लोगों का सरकारी स्कूलों पर यकीन कम हो रहा है। - बीजेपी के विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा- पिछली सरकार ने राइट टू एजुकेशन कानून सही तरीके से लागू ही नहीं किया। - सपा के जावेद अली खान ने यूपी में शिक्षा मित्रों का मामला उठाया। कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान का बजट कम रखा है।